जबलपुर:वर्तमान समय में साइबर अपराधों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसका मुख्य कारण आम जनता में जागरूकता की कमी है। गोल्डन आवर (अपराध होने के तुरंत बाद का शुरुआती समय) के दौरान पुलिस का रिस्पांस जितना तेज होगा, पीडि़त को उतनी ही जल्दी राहत मिलेगी और उनकी गाढ़ी कमाई को फ्रॉड होने से बचाया जा सकेगा। बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगे और जन-जागरूकता बढ़े। किसी भी पीडि़त को थानों के चक्कर न काटने पड़ें और तकनीकी जांच के माध्यम से अपराधियों तक जल्द से जल्द पहुंचकर पीडि़त को न्याय दिलाया जा सके। यह बातें पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा पुलिस कन्ट्रोलरूम में शनिवार को अपराध समीक्ष बैठक लेते हुए कहीं। आगे उन्होंने सीसीटीएनएस कार्य की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुये कहा कि सभी प्रकार की प्रविष्टियों को पूर्ण कर अपलोड करें। बैठक में त्रिवार्षिक तुलनात्मक भादवि बीएनएस व प्रतिबंधात्मक एवं माईनर एक्ट की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
दस्तयाबी, गिरफ्तारी हो
एसपी संपत उपाध्याय ने कहा कि अपहृत अवयस्क बालक, बालिकाओं के जिले से बाहर होने की जानकारी मिलने पर तत्काल टीम बनाकर भेजते हुये दस्तयाबी सुनिश्चित कराये। थानों में दर्ज प्रकरणों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाकर जिले से बाह भेजकर अधिक से अधिक फरार आरोपी, वारंटी की गिरफ्तारी करें।
लापरवाही न बरती जाये
सीएम हेल्प लाईन, वरिष्ठ कार्यालयों, जन सुनवाई, की शिकायतों की समीक्षा करते हुये आदेशित किया कि लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण करें, इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाये। बैठक में एएसपी शहर आयुष जाखड़, एएसपी ग्रामीण अनु बेनिवाल एएसपी अपराध जितेन्द्र सिंह, एएसपी जोन-2 सुश्री पल्लवी शुक्ला, एएसपी जोन-4 सुश्री अंजना तिवारी, एएसपी मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा, एएसपी यातायात अखिलेश तिवारी, राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
