जबलपुर: जिन स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हो रही है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। लंबित प्रविष्टियां पूरी करने के साथ मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। यह बातें कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहीं। उन्होंने कम
प्रगति वाले क्षेत्रों में कारणों की पहचान कर सुधार के निर्देश दिए। मातृ स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि 7 अगस्त तक 19 हजार 234 के लक्ष्य के विरुद्ध 14 हजार 116 गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन किया गया है। वहीं 523 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं में से 255 को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीआईएच प्रभावित गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में उपलब्धि 94.24 प्रतिशत और सीवियर एनीमिया के मामलों में 92 प्रतिशत रही। कलेक्टर सिंह ने शेष मामलों में समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीबी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्क्रीनिंग और उपचार की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि निक्षय पोषण बास्केट वितरण में जबलपुर की उपलब्धि 91 प्रतिशत रही। 4 हजार 675 चिन्हित मरीजों में से 4 हजार 236 को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया। यह उपलब्धि जिले को प्रदेश में पांचवें स्थान पर रखती है बैठक में बताया कि होप कार्यक्रम में महाराजपुर स्वास्थ्य संस्था में 87 बुजुर्गों का पंजीयन एवं सत्यापन 100 प्रतिशत रहा। यूपीएचसी कोतवाली, रजा चौक और पोलीपाथर में बुजुर्गों की स्क्रीनिंग भी 100 प्रतिशत रही। कलेक्टर श्री सिंह ने लंबित पंजीयन एवं स्क्रीनिंग जल्द पूरा कराने और बुजुर्गों के फॉलोअप की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
