बेलग्रेड, 08 अगस्त (वार्ता) यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अमेरिका के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसे हर महीने अमरीकी निर्मित एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति मिलेगी। उन्होंने हालांकि यह भी माना कि यह आपूर्ति यूक्रेन की जरूरतों के हिसाब से अब भी कम होगी।
सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में श्री जेलेंस्की ने यह जानकारी दी। श्री जेलेंस्की की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है, जब रूस के भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन हवाई रक्षा गोला-बारूद की भारी कमी से जूझ रहा है।
यूक्रेनी वायु सेना ने स्वीकार किया है कि वह मंगलवार और शुक्रवार की रात देश पर दागी गयी किसी भी मिसाइल को हवा में मार गिराने में नाकाम रही। श्री जेलेंस्की ने भी माना है कि बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन के पास पर्याप्त एयर डिफेंस मिसाइलें मौजूद नहीं हैं।
गुरुवार को यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और खुफिया मामलों की संसदीय समिति के उपाध्यक्ष येहोर चेरनीव ने कहा कि देश की हवाई रक्षा स्थिति 2022 में रूस के पूर्ण स्तर पर किये गये आक्रमण के बाद से अपने सबसे विकट दौर में पहुंच चुकी है।
रूस के बढ़ते हमलों के बीच सर्बिया से रिश्ते मज़बूत करने और अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ाने के मकसद से श्री जेलेंस्की शुक्रवार को अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर सर्बिया पहुंचे। उनकी यह यात्रा यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्रों पर रात में हुए रूसी हमलों के ठीक बाद हुई है, जिनमें एक बच्चे समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी और सात अन्य घायल हो गये।
शुक्रवार को सर्बियाई राष्ट्रपति के साथ रात्रिभोज में शामिल होने के बाद श्री जेलेंस्की ने राष्ट्रपति भवन में श्री वुसिक के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इससे पहले दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से इतर कई बार मिल चुके हैं, जिसमें हाल ही में 15 जुलाई को कीव में आयोजित ‘यूक्रेन-दक्षिण पूर्व यूरोप शिखर सम्मेलन’ के दौरान हुई मुलाकात भी शामिल है।
बैठक से पहले श्री जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बातचीत का मुख्य केंद्र आर्थिक सहयोग बढ़ाने, यूरोपीय संघ के साथ यूक्रेन एवं सर्बिया के संबंधों, सुरक्षा मुद्दों और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों पर रहेगा।
श्री वुसिक के लिए यह बैठक कूटनीतिक संतुलन साधने जैसी है। यूरोपीय संघ के दबाव के बावजूद सर्बिया ने अपने गहरे ऐतिहासिक एवं राजनीतिक संबंधों के चलते रूस पर प्रतिबंध लगाने से बार-बार इनकार किया है। साथ ही, यूरोपीय संघ की सदस्यता पाने की अपनी राह पर भी सर्बिया बना रहना चाहता है और उसने यूक्रेन के साथ धीरे-धीरे सहयोग बढ़ाने के संकेत दिये हैं।
श्री वुसिक ने कहा, “हमारे पास चर्चा के लिए कई अहम मुद्दे हैं। पहला यूक्रेन और सर्बिया का यूरोप की ओर बढ़ता कदम और दूसरा हमारा द्विपक्षीय व ऊर्जा सहयोग।”
श्री जेलेंस्की उन यूरोपीय देशों के साथ भी संबंध बढ़ाना चाहते हैं, जो रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों में शामिल नहीं हुए हैं। वहीं श्री वुसिक रूस से अपने पुराने रिश्ते बरकरार रखते हुए यूरोपीय संघ के प्रति भी सकारात्मक रुख दिखाना चाहते हैं। इस वार्ता में रक्षा सहयोग भी एक महत्वपूर्ण बिंदु रहने की उम्मीद है।
सर्बिया ने हालांकि सीधे तौर पर रूस पर प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया है, फिर भी वह परोक्ष रूप से यूक्रेन के लिए तोप के गोलों का एक बड़ा स्रोत बन गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीसरे देशों के जरिये सर्बिया में बनी बड़ी संख्या में मिसाइलें और गोले यूक्रेनी सेना तक पहुंचे हैं।
