
नीमच। ज्ञानोदय विश्वविद्यालय, नीमच के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में सेवारत सहायक प्राध्यापक आदित्य जैन को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय रामायणी सम्मान 2026’ के लिए चयनित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 19 अगस्त को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य समारोह में, रामायण रिसर्च काउंसिल द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर भारतीय अध्ययन केंद्र के सहयोग से प्रदान किया जाएगा।
रामायण रिसर्च बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के अध्यक्ष एवं सांसद श्री अजय भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर 28 विभूतियों का चयन 7 श्रेणियों में किया गया है। नीमच के श्री आदित्य जैन को पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से अध्यापन, शोध एवं मौलिक लेखन के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन मूल्यों के संवर्धन और समाज में नैतिक व मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि श्री जैन के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने अध्यात्म, विज्ञान, चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक महत्व के विषयों पर मौलिक शोध पत्र तैयार किए हैं। श्री जैन देश के प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा आयोजित 35 से अधिक शैक्षणिक सेमिनार एवं कॉन्फ्रेंस में अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने जीवन मूल्यों पर आधारित आचार्य श्री तुलसी के उत्कृष्ट विचारों का संकलन कर ‘सृजन’ नामक पुस्तक का सृजन किया है, जो साहित्य और दर्शन का एक प्रमुख दस्तावेज है। इस पुस्तक के प्रकाशन पर देश की अनेक लब्धप्रतिष्ठित हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस राष्ट्रीय सम्मान के संयोजक सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. देवदत्त हैं। समाचार पत्रों में श्री जैन के प्रकाशित मौलिक आलेखों का मूल्यांकन करते हुए जिला प्रशासन ने भी उन्हें वर्ष 2022 के सार्वजनिक समारोह में सम्मानित किया हैं।
