
रिज्वाइंडर पेश करने याचिकाकर्ताओं को मिला एक सप्ताह का समय
जबलपुर। लंबे समय से कार्यरत अतिथि विद्वानों को असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियमितिकरण किये जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सरकार को जवाब पेष करने दो सप्ताह का समय प्रदान किया है। इसके अलावा रिज्वाइंडर पेश करने याचिकाकर्ताओं को एक सप्ताह का समय प्रदान किया है।
याचिकाकर्ता अतिथि विद्वान आभा तिवारी सहित अन्य की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि उनके पास असिस्टेंट प्रोफेसर पद के अनुरूप आवश्यक योग्यताएं तथा व्यापक अनुभव व शिक्षण कौशल है। इसके अलावा वह पीएचडी डिग्री धारक भी हैं। वह लगभग तीन दशक से से गेस्ट फैकल्टी के तौर निरंतर सेवा प्रदान कर रहे है। अनुभव व शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वह मप्र के शासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियमितिकरण के हकदार हैं।
