व्यापमं के महाघोटाले का खामियाजा करोड़ों युवा भुगत रहे हैं :अजय सिंह

सीधी।पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि पूरे देश में पेपर लीक की जो स्थिति बनी है, उसकी पटकथा मध्यप्रदेश में पहले ही लिख दी गई थी। शिवराज सरकार के कार्यकाल में हुआ ‘व्यापमं घोटाला’ सबसे पहला और संगठित परीक्षा घोटाला था।

उन्होंने कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक घोटालों ने देश के करोड़ों होनहार युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। यदि उस समय व्यापमं मामले में शामिल शीर्ष नेताओं और अफसरों पर समय रहते सख्त कार्रवाई हो गई होती तो यह पूरे देश में एक मिसाल बनती| इससे पेपर लीक करने वालों के हौसले बुलंद नहीं होते। साथ ही नीट जैसे राष्ट्रीय स्तर के पेपर लीक मामलों पर बहुत पहले ही रोक लग चुकी होती।

अजय सिंह ने कहा कि व्यापम घोटाला केवल पैसों की हेराफेरी नहीं था, बल्कि यह सबसे बड़ा खूनी घोटाला भी था। जांच शुरू होने के बाद लगभग चालीस से पचास गवाहों, पत्रकारों और संदिग्धों सहित अनेक लोगों की रहस्यमयी परिस्थितियों में जान चली गई। आज भी जांच और अदालती मुकदमे पेंडिंग पड़े हैं। सत्ता के संरक्षण में बड़े मगरमच्छों को बचा लिया गया और सिर्फ छोटे प्यादों को मोहरा बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया| न्याय में देरी ने माफियाओं के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म कर दिया है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश से शुरू हुआ परीक्षा में भ्रष्टाचार का यह वायरस आज राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। सरकारें केवल जांच समितियों और लीपापोती के भरोसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं|उन्होंने असली संरक्षकों को बेनकाब करने और व्यापमं के पेंडिंग मुकदमों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर बड़े दोषियों को तत्काल जेल भेजने की मांग की है| अजय सिंह ने कहा कि आज नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक तथा गड़बड़ी रोकने और छात्रों में फिर से विश्वास पैदा करने के लिए एक दोष रहित प्रणाली की आवश्यकता है। हमारे नेता राहुल गांधी इन्हीं मुद्दों को देश में “छात्रों की गूंज” के माध्यम से उठा रहे हैं| वे छात्रों से उनकी समस्याओं को लेकर बात कर रहे हैं और उनसे पूछ रहे हैं कि देश को लेकर उनकी क्या उम्मीदें हैं| यह सब ऐसे समय हो रहा है जब सरकार छात्रों से न तो बात करती है और न ही उनकी सुनती है| उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राहुल गांधी जी के प्रयासों के दूरगामी परिणाम निकलेंगे|

Next Post

भोपाल में BRICS का बड़ा मंथन, संस्कृति और विरासत संरक्षण पर बनी रणनीति

Sat Aug 8 , 2026
भोपाल। राजधानी में आयोजित ब्रिक्स देशों की 11वीं सांस्कृतिक बैठक का समापन भोपाल घोषणा पत्र के साथ हुआ। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि तीन दिनों तक चले मंथन में सदस्य देशों के बीच संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया […]

You May Like