नयी दिल्ली, (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तपाब्रत चक्रवर्ती से सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनन्या कांति रॉय सरस्वती की सुरक्षा की मांग पर विचार करने का अनुरोध किया है।
न्यायमूर्ति सरस्वती पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नामों को शामिल करने और हटाने से जुड़ी अपीलों की सुनवाई के लिए गठित 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों में से एक की अध्यक्षता कर रही हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस अनुरोध की जांच करने और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाने का आग्रह किया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनन्या कांति रॉय सरस्वती ने एसआईआर प्रक्रिया से उत्पन्न अपीलों के निपटारे के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा की मांग की है। यह अनुरोध पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित विवादों की उच्चतम न्यायालय की सतत निगरानी के दौरान सामने आया।
इससे पहले, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के पालन में कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ न्यायाधीशों की अध्यक्षता में 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों का गठन किया गया था। ये न्यायाधिकरण मतदाता सूची में नामों को शामिल करने या हटाने के खिलाफ अपीलों की सुनवाई कर रहे हैं, जिसमें नाम की वर्तनी में अंतर और अन्य संबंधित ‘तार्किक विसंगतियों’ से जुड़े मामले शामिल हैं।
न्यायाधिकरणों को अपील के दौरान प्रस्तुत किए गए नए दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करने के बाद उन पर विचार करने का अधिकार भी दिया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि अपीलीय न्यायाधिकरण ऐसी अपीलों के निपटारे के लिए अपनी स्वयं की प्रक्रिया तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
