
उज्जैन। सिंहस्थ महाकुंभ-2028 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उज्जैन पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राकेश गुप्ता, पुलिस उप महानिरीक्षक नवनीत भसीन और पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सिंहस्थ-2028 की प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था का प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि 9 अप्रैल से 8 मई 2028 तक प्रस्तावित महाकुंभ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। तृतीय अमृत स्नान पर अकेले 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है। करीब 3 हजार हेक्टेयर में प्रस्तावित मेला क्षेत्र को 10 जोन, 40 सेक्टर और 80 थानों में विभाजित करने का प्रस्ताव है। वहीं एएनपीआर और फेसियल रिकग्निशन तकनीक से चोरी के वाहन और संदिग्ध अपराधियों की पहचान की जाएगी। कार्तिक मेला क्षेत्र में 24&7 इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने तथा माधव नगर और राणोजी की छत्री क्षेत्र में बैकअप कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना भी बैठक में प्रस्तुत की गई। साइबर सुरक्षा के लिए साइबर थाना, 10 साइबर हेल्प डेस्क और 1,000 साइबर वॉरियर्स की तैनाती पर भी चर्चा हुई। यातायात व्यवस्था को लेकर आठ प्रमुख मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है।
62, 950 अधिकारी कर्मचारी तैनात रहेेंगे
सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 62,950 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और 500 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। बैठक में एआई आधारित सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्ताव के अनुसार पूरे मेला क्षेत्र और शहर में 3,500 कैमरे, 416 ड्रोन, अंडरवाटर कैमरे और 2,700 से अधिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए जाएंगे। एआई आधारित स्टाम्पीड अर्ली वार्निंग सिस्टम संभावित भगदड़ की पहले ही चेतावनी देगा।
