
इंदौर. विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे में घायलों के इलाज खर्च को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को जूनी इंदौर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जवाब के समर्थन में शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को भी कहा है.
याचिकाकर्ता रितेश ईणानी की याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले के जांच अधिकारी ने केस डायरी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की. शासन की ओर से सुनवाई में बताया गया कि हादसे में झुलसे पीड़ितों के इलाज का खर्च वहन किया जा चुका है. इस पर पीड़ित पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई. अधिवक्ता श्रवण कुमार लाहोटी ने कोर्ट के समक्ष बताया कि कुछ पीड़ितों के इलाज खर्च का भुगतान अब भी लंबित है. हादसे में झुलसी इन्फ्लुएंसर गिरी उर्फ राजकुमारी झाला के उपचार का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें इंदौर से अहमदाबाद रेफर किया था और वहां उपचार के दौरान करीब 14 लाख रुपए का अस्पताल बिल लंबित है.
सुनवाई के दौरान अन्य पीड़ितों के इलाज खर्च को लेकर भी पक्षकारों की ओर से जानकारी रखी गई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जूनी इंदौर के एसडीओ (राजस्व) को शासन के जवाब के समर्थन में शपथ पत्र प्रस्तुत करने और अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए.
मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी…
सुनवाई के दौरान पार्षद बालमुकुंद सोनी की ओर से अधिवक्ता अमित पाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए थे. उल्लेखनीय है कि पूर्व सुनवाई में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पार्षद के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था.
व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश
सुनवाई के दौरान इलाज खर्च को लेकर पक्षकारों की ओर से अलग अलग तथ्य न्यायालय के समक्ष रखे गए. न्यायालय ने मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए जूनी इंदौर के एसडीओ से शपथ पत्र के साथ अगली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश दिए हैं
श्रवण कुमार लाहोटी, अधिवक्ता, याचिकाकर्ता रितेश ईणानी
