भैरूंदा। कलेक्टर बालागुरू के ने मूंग उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करते निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य मापदंडों के अनुरूप, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए. उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर व्यापारी मूंग का अवैध रूप से विक्रय न कर पाएं, इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए.
कलेक्टर ने सर्वेयर से अपने सामने गुणवत्ता परीक्षण की पूरी प्रक्रिया कराई. उन्होंने मॉइश्चर की जांच, छोटे-बड़े दानों की छंटाई, मिट्टी एवं अन्य अशुद्धियों को अलग करने की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रत्येक किसान की उपज की जांच निष्पक्ष एवं एक समान मानकों के आधार पर की जाए. गुणवत्ता परीक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसी भी केंद्र पर नॉन एफएक्यू उपज की तुलाई नही होनी चाहिए.
उन्होंने सोसायटी प्रबंधक को निर्देश दिए कि वेयरहाउस के भरने की स्थिति आने से कम से कम दो दिन पहले जिला उपार्जन समिति एवं अधिकारियों को सूचना दी जाए, ताकि समीपस्थ वेयरहाउस में वैकल्पिक व्यवस्था कर खरीदी कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जा सके. बारदानों, क्यूआर कोड, तौल सामग्री एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे. सामग्री समाप्त होने की स्थिति आने से पहले ही उसकी आपूर्ति कर ली जाए, ताकि किसानों को इंतजार न करना पड़े.इस दौरान एसडीएम सुधीर कुशवाह, बुधनी एसडीएम संजीव कुमार नागू, तहसीलदार सौरभ शर्मा, सपना झिलेरिया सहित अधिकारी उपस्थित थे.
