
उज्जैन। जयभान सिंह पवैया ने कहा कि राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है। जिसका उद्देश्य पंचायतों और नगरीय निकायों को वित्तीय संसाधनों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है। आयोग आगामी पांच वर्षों के लिए अपनी अनुशंसाएं तैयार कर रहा है। जिनके आधार पर स्थानीय निकायों को मिलने वाले अनुदान और वित्तीय अधिकार तय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से मिलने वाले सुझाव आयोग की अनुशंसाओं का महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। दरअसल जय भान सिंह पवैया निकायों की आर्थिक नब्ज टटोलने आए थे। छठवें मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने उज्जैन प्रवास के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकों में नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने पर विस्तृत मंथन किया। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि जिले की 43 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। सीएसआर फंड से 100 ई-बाइक आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई हैं। कायथा टोल प्लाजा का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।
संभाग आयुक्त ने बताई कार्य योजना
संभागायुक्त आशीष सिंह ने सभी जिलों को एक-दूसरे के सफल नवाचारों को अपनाने और पंचायतों को अधिक सक्षम बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक के समापन पर जयभान सिंह पवैया ने कहा कि उज्जैन संभाग के सभी जिलों में जनभागीदारी से उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से सौर ऊर्जा, पेयजल व्यवस्था, स्व-राजस्व वृद्धि और योजनाबद्ध विकास मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने संभाग में पंचायतों द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इन अनुभवों को राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं में उचित स्थान मिलेगा। वहीं नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ-साथ ट्रेड लाइसेंस और कर संग्रह बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
विकास मॉडल पर चर्चा-जिले के अफसर भी
विश्राम भवन में जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक तथा प्रशासनिक संकुल भवन में हुई संभागीय समीक्षा बैठक में स्थानीय निकायों के राजस्व स्रोत बढ़ाने, वित्तीय प्रबंधन, नवाचार और विकास मॉडल पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत पदाधिकारी, संभागायुक्त आशीष सिंह, उज्जैन सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ और नगर निगम आयुक्त मौजूद रहे। आयोग के सदस्य केके सिंह और सदस्य सचिव वीरेंद्र कुमार भी बैठक में शामिल हुए। संभागीय समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के आय-व्यय, राजस्व संग्रहण, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पेयजल, सीवरेज, प्रकाश व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग और स्थानीय निकायों के नवाचारों की जिलेवार समीक्षा की गई।
