भोपाल। राजधानी भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की शुरुआत हो गई है। चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 10 देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि संस्कृति, विरासत और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में अधिकारियों की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
सम्मेलन के तहत मिंटो हॉल परिसर में ‘ज्ञान भारतम’, ‘प्रोजेक्ट मौसम’ और ‘प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत’ पर तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। ये प्रदर्शनियां अगले चार दिनों तक आम जनता के लिए भी खुली रहेंगी। इनमें भारत की पांडुलिपि विरासत, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और सभ्यताओं के जुड़ाव को प्रदर्शित किया गया है।
पहले दिन विदेशी प्रतिनिधियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण किया। यहां उनका पारंपरिक स्वागत किया गया और उन्हें भारत की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और लोक कला से रूबरू कराया गया। शाम को कथक, लोक नृत्य और जनजातीय संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
6 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और BRICS देशों के बीच सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। वहीं रवींद्र भवन में भव्य BRICS सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें भाग लेने वाले देशों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
7 अगस्त को ‘BRICS कल्चरल फेस्टिवल 2026’ और ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ की विशेष प्रस्तुति होगी, जिसमें 125 से अधिक कलाकार मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे। 8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेगा, जबकि 9 अगस्त को इच्छुक मेहमानों के लिए भीमबेटका की यात्रा भी प्रस्तावित है। यह सम्मेलन भारत और BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
