शहर के गंदे पानी के प्रदूषण से मुक्त होगी सोन नदी

सीधी। शहर के गंदे पानी के प्रदूषण से सोन नदी मुक्त होगी। शहर से गुजर कर सोन नदी में मिलने वाली सूखा-हिरन नदी के गंदे पानी को साफ करने लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कार्य शुरु है।

शहर के सूखा व हिरन नाले के गंदे पानी को शुद्ध करने लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कार्य समीपी गाड़ा खोह में शुरू हो गया है। नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए 3 लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण को स्वीकृति मिली है। नालों का पानी शुद्ध करके सोन नदी में छोडऩे की व्यवस्था बनाई गई है। दरअसल नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के तहत अमृत योजना-2 में नगर पालिका परिषद सीधी के सूखा व हिरन नाले के गंदे पानी को शुद्ध कर सोन नदी में छोडऩे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम गाड़ा खोह में लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने की अनुमति दी गई है। प्लांट में शहरी क्षेत्र से आने वाले गंदे पानी को साफ कर उसे सोन नदी में छोड़ा जाना है। नगर पालिका के अनुसार शासन स्तर से गत 15 अप्रैल को प्लांट की क्राइम-डिजाइन फाइनल हो जाने के बाद ठेका एजेंसी में ग्राम गाड़ा खोह में निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया। बताया जाता है कि निर्माण कार्य के लिए आवश्यक गड्ढे खोदने का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था। बताया गया है कि केन्द्रीय योजना के तहत अलग-अलग हिस्सों में दो लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाना है। फिलहाल 5 एमएलडी वाले प्लांट निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक एमएलडी के लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण नौगवां धीरसिंह गांव में कराया जाना है।

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15 करोड़ की लागत से तैयार होंगे प्लांट

 

शहर के सूखाए हिरन व एक अन्य नाले का गंदा पानी सीधे सोन नदी में मिलता है। इन तीनों नालों का पानी शुद्ध करने के लिए दो लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाए जाने हैं। इनमें से 5 एमएलडी प्लांट का निर्माण कार्य गाड़ा खोह गांव में पिछले माह से शुरू है। नगर पालिका अमले का कहना है कि नौगवां धीरसिंह एवं गाड़ा खोह में तैयार किए जाने वाले लिक्विड बेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की कुल लागत लगभग 15 करोड़ रुपए है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही समय-समय पर नगर पालिका के इंजीनियर मौका मुआयना कर गुणवत्ता का खास निगाह रख रहे हैं। निर्माण एजेंसी को एक वर्ष के अंदर दोनो लिक्विड बेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तैयार करने हैं।

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प्रदूषण से सुरक्षित होगी सोन नदी

 

सोन नदी के प्रति हिंदू धर्म के लोगों की बड़ी आस्था है। यहां मकर संक्रांति अमावस्या व अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग स्नान कर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। स्वर्णकार समाज व व्यापारी वर्ग सहित अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा सोन नदी की महाआरती का भी आयोजन किया जा चुका है। ऐसे में नदी की मैली होती धारा लोगों के मन में चिंता और प्रशासन की हीला-हवाली को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। सोन नदी न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि शहर की पेय जल व्यवस्थाए ग्रामीण जीवन और परिस्थितियों का भी प्रमुख आधार है। नदी के प्रदूषित होने से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है और इसके आने वाले समय में देखने को मिल सकते हैं।

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इनका कहना है

 

लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्ता पूर्ण किया जाए, इसके लिए संविदाकार एवं संबंधित इंजीनियरों को निर्देशित किया गया है।

 

महमूद हसन, सीएमओ नगर पालिका परिषद सीधी

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