जडेजा इंग्लैंड में 1000 रन पूरे करने के करीब

लंदन, 16 जुलाई (वार्ता) दुनिया के नंबर एक आलराउंडर भारत के रवींद्र जडेजा इंग्लैंड में 1000 रन पूरा करने के करीब पहुंच गए हैं।

जडेजा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भारत की दूसरी पारी में नाबाद 61 रन बनाये लेकिन भारत यह मुकाबला 22 रन से हार गया। जडेजा का यह लगातार चौथा अर्धशतक था। उन्होंने बर्मिंघम और लॉर्ड्स दोनों में जुड़वां फिफ्टी लगाईं। उनसे पहले इंग्लैंड में लगातार चार 50+ स्कोर बनाने वाले केवल दो भारतीय बल्लेबाज हैं – सौरव गांगुली (2002) और ऋषभ पंत (2022 और 2025)। लॉर्ड्स में आखिरी दिन उनकी नाबाद 61 रन की पारी टेस्ट की चौथी पारी में उनका पहला 50+ स्कोर था।

इंग्लैंड में जडेजा ने टेस्ट में नंबर 6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 942 रन बनाए हैं। इस लिस्ट में मेहमान बल्लेबाजों में उनसे ज्यादा रन सिर्फ गैरी सोबर्स (1097) ने बनाए हैं। इंग्लैंड में उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक हैं, गैरी सोबर्स (9) के बाद दूसरे स्थान पर हैं।

भारत ने सोमवार को सातवां विकेट गिरने के बाद जितनी गेंदें (301) खेलीं। यह टेस्ट की चौथी पारी में आखिरी तीन साझेदारियों में खेली गई सबसे अधिक गेंदें हैं। इससे पहले रिकॉर्ड 294 गेंदों का था, जो इंग्लैंड ने 2015 में दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था (नोट: गेंदों का डेटा 1998 से उपलब्ध है)।

जडेजा और जसप्रीत बुमराह ने 22 ओवर तक साझेदारी निभाई। यह पिछले दस वर्षों में भारत के लिए 9वें या 10वें विकेट के लिए सबसे लंबी साझेदारी है।

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स लॉर्ड्स में टेस्ट में चार बार प्लेयर ऑफ द मैच बने हैं। यह इस मैदान पर किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है। उन्होंने इससे पहले 2015 (न्यूजीलैंड), 2017 (वेस्टइंडीज) और 2019 (ऑस्ट्रेलिया) में यह अवॉर्ड जीता था।

कुल मिलाकर उनके नाम टेस्ट में 11 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हैं, जो इंग्लैंड के लिए तीसरे सबसे ज्यादा हैं। उनके आगे जो रूट (13) और इयान बॉथम (12) का नाम आता है।

इस लॉर्ड्स टेस्‍ट में इंग्‍लैंड और भारत के खिलाड़‍ियों में 15 बल्‍लेबाज बोल्‍ड हुए, यह 1965 से खेले गए 2000 से अधिक मैचों में सबसे अधिक है। पिछली बार टेस्‍ट में 1965 में जॉर्जटाउन में वेस्‍टइंडीज और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्‍ट में 15 या उससे अधिक खिलाड़ी बोल्‍ड हुए थे।

लॉर्ड्स में भारत की हार का रन से अंतर सिर्फ 22 रनों का था, जो टेस्ट में भारत की चौथी सबसे छोटी हार है। सबसे कम अंतर से हार 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई (12 रन) में मिली थी। 1977 में ऑस्ट्रेलिया से ब्रिस्बेन में और 1987 में पाकिस्तान से बेंगलुरु में भारत 16 रन से हारा था।

यह लॉर्ड्स में टेस्ट में रन से जीत का अब तक का सबसे छोटा अंतर भी है। पिछला रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम था जिन्होंने 2023 में इंग्लैंड को 43 रन से हराया था।

भारत लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 193 रन चेज करने में नाकाम रहा। यह चौथा सबसे छोटा टारगेट है जिसे भारत पुरुष टेस्ट में चौथी पारी में चेज करते हुए हार गया।

भारत 2015 के बाद से पांच बार 200 से कम का लक्ष्य चेज करते हुए टेस्ट हारा है जबकि इस दौरान अन्य सभी टीमों ने मिलाकर सिर्फ पांच बार ऐसा किया है। इसमें से तीन बार पाकिस्तान को हार मिली।

लॉर्ड्स में चौथी पारी में 200 से कम का स्कोर चेज करते हुए टेस्ट हारने वाली भारत केवल चौथी टीम है।

यह इंग्लैंड द्वारा पिछले 25 वर्षों में पुरुष टेस्ट में डिफेंड किया गया दूसरा सबसे छोटा लक्ष्य है। इससे छोटा टारगेट इंग्लैंड ने 2019 में आयरलैंड के ख़िलाफ़ (181 रन) लॉर्ड्स में ही डिफेंड किया था।

 

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