
ग्वालियर:श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक करने और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सावन के महीने में भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी पावन भावना के साथ, ग्वालियर के युवाओं ने आस्था की अनूठी मिसाल पेश करते हुए हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल लाकर ऐतिहासिक अचलेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान और वेद मंत्रों के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
हरिद्वार से ग्वालियर तक की आस्था की यात्रा
शहर के वार्ड क्रमांक 65, धोकलपुरा क्षेत्र के कुछ उत्साही युवा 18 जून को पवित्र गंगाजल लेने के लिए ग्वालियर से हरिद्वार रवाना हुए थे। इन शिव भक्तों ने पूरी निष्ठा और कांवड़ यात्रा के नियमों का पालन करते हुए हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल कांवर में उठाया और सावन के प्रथम सोमवार पर ग्वालियर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक व गंगाजल से स्नान कराया।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे इन शिव भक्तों की यात्रा का ग्वालियर पहुंचने पर विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। जगह-जगह फूल-मालाओं और जयकारों के साथ कांवरियों का अभिनंदन किया गया।
इस कांवड़ यात्रा में शामिल युवा आकाश, संजय, रोहित, राज, अमर, अनुज, राहुल, मोनू, छोटू कुशवाहा तथा अन्य साथियों ने बताया कि उन्होंने पहली बार कांवड़ यात्रा की है। युवाओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा और आशीर्वाद से उनकी यह यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है, और यदि बाबा की ऐसी ही कृपा रही तो वे हर साल इसी प्रकार कांवड़ यात्रा पर जाकर जल अर्पित करेंगे।
