सतना :मानसून के सक्रिय होते ही एक ओर जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे थे. लेकिन पिछले सप्ताह भर से जिस तरह बादल रुठे-रुठे नजर आ रहे हैं. उसकी वजह से लोगों के उमस भरी गर्मी से हलाकान होने के साथ ही किसानों के चेहरे पर अपनी फसल को लेकर चिंता मंडराने लगी है.मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से लेकर अब तक हुई बारिश के आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो सतना में अब तक 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है. बीते एक महीने के कालखण्ड में 456.4 मिमी बारिश हो जानी चाहएि थी.
लेकिन इस दौरान अब तक केवल 376.9 मिमी बारिश ही दर्ज हो चुकी है. इस लिहाज से 1 जून से लेकर अगस्त तक सतना में दीर्घावधि वर्षा औसत से 17 प्रतिशत कम दर्ज की गई है. जिसका सीधा असर खेतों में लगी धान और सोयाबीन की फसलों पर पड़ता हुआ देखा जा सकता है. हलांकि वातावरण में मौजूद नमी और अलग अलग स्थानों पर होने वाली छुटपुट वर्षा के चलते फिलहाल फसलों को नुकसान होना शुरु नहीं हुआ है. लेकिन किसानों की चिंता है कि यदि आने वाले दिनों में भी बादल ऐसे ही रुठे रहे तो उनकी फसल सूखने लग जाएगी. इसी कड़ी में पिछले सप्ताह भर से बारिश का दौर रुके होने के कारण अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में जहां 1 से लेकर 3 डिग्री की बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. वहीं दूसरी ओर न्यूनतम तापमान भी सामान्य की तुलना में लगभग 1 डिग्री चढ़ा नजर आ रहा है.
राहत भरा होगा सप्ताह
मौसम विभाग के अनुसार मौसमी गतिविधियों में स्पष्ट बदलाव शुरु होने की संभावना बन रही है. जिसके चलते सतना सहित विंध्य क्षेत्र में 4 अगस्त से बारिश का नया दौर शुरु हो सकता है. इसी कड़ी में यह संभावना भी जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में कहीं कहीं भीषण बारिश की घटना भी सामने आ सकती है. जिसह्यका एलर्ट आने वाले दिनों में जारी किया जा सकता है
