
उज्जैन। सावन के प्रथम रविवार को धर्मनगरी उज्जैन शिवमय हो गई। समाजसेवी महेश परियानी के नेतृत्व में लगातार चौथे वर्ष निकाली गई 84 महादेव यात्रा में पांच हजार से अधिक महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से यात्रा को संबोधित करते हुए इसे आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
यात्रा की शुरुआत नानाखेड़ा चौराहे पर बाबा महाकाल की पालकी के पूजन एवं आरती से हुई। महाकाल मंदिर की तर्ज पर तैयार की गई भव्य पालकी को सभी अतिथियों ने कंधा दिया। इसके बाद नानाखेड़ा से टावर चौक तक विशाल पैदल यात्रा निकाली गई, जहां मार्गभर महाकाल के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं का विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।टावर चौक पहुंचने पर महिला श्रद्धालुओं को स्वल्पाहार कराया गया। इसके बाद बसों, मैजिक वाहनों और ई-रिक्शा के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं को 84 महादेव मंदिरों के दर्शन-पूजन के लिए रवाना किया गया। शाम को सभी यात्रियों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। यात्रा में कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर बालयोगी उमेशनाथ महाराज, नारायण यादव, वैभव यादव, अभय यादव, महावीरनाथ महाराज, शैलेषानंद महाराज, गिरीश गुरु महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, रवि सोलंकी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। संयोजक वैभव यादव रहे। संचालन शैलेंद्र व्यास ने किया।
चार वर्षों से निकल रही यात्रा
नवभारत से चर्चा में समाजसेवी महेश परियानी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से पिछले चार वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है। हर वर्ष महिला श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। उज्जैन ही नहीं, आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु 84 महादेव यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने आते हैं। यात्रा में शिव बारात भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें देव, दानव, यक्ष, गंधर्व और किन्नर की झांकियां शामिल थीं। डीजे, बैंड और डमरुओं की गूंज के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे और पूरा शहर जय महाकाल के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
