
पिपलियामंडी। नारायणगढ़ और पिपलिया मंडी क्षेत्र में रविवार को मगरमच्छ दिखाई देने की दो अलग-अलग घटनाओं से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नारायणगढ़ में घर की सीढ़ियों पर मिले मगरमच्छ के शावक का रेस्क्यू कर उसे चंबल नदी में छोड़ दिया गया, जबकि चावली गांव के समीप नाले में दिखाई दिए मगरमच्छ से किसानों में चिंता बनी हुई है।
नारायणगढ़ में शैलेन्द्र पाटीदार के घर की सीढ़ियों पर सुबह मगरमच्छ का शावक दिखाई दिया। सूचना पर पुलिस, वन विभाग की टीम एवं सर्पमित्र सरफराज मौके पर पहुंचे। सावधानीपूर्वक रेस्क्यू करने के बाद शावक को संजीत के समीप चंबल नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। रहवासी क्षेत्र में मगरमच्छ का शावक मिलने से लोगों में कौतूहल बना रहा। आसपास कोई बड़ा जलस्रोत नहीं होने से उसके यहां पहुंचने को लेकर भी चर्चा रही।
इधर, पिपलिया मंडी के समीप चावली गांव के नाले में ग्रामीणों ने एक मगरमच्छ को पत्थर पर बैठे देखा। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मगरमच्छ के फोटो और वीडियो बनाए, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए।
नाले के आसपास कई किसानों के खेत होने तथा ग्रामीणों की आवाजाही के चलते लोगों में चिंता है। सर्पमित्र सरफराज ने बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास से बाहर आने की संभावना जताते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ दिखाई देने पर उसे पकड़ने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना दें।
