
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम और सीसीई में कथित अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों का धरना विश्वविद्यालय प्रशासन के आश्वासन के बाद शनिवार को समाप्त हो गया। छात्र लंबे समय से परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जता रहे थे।
छात्र नेता अश्विनी मिश्रा ने बताया कि छात्रों ने पहले भी कई बार ज्ञापन देकर और विरोध प्रदर्शन कर समस्याओं के समाधान की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका आरोप है कि कई विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, फिर भी परिणाम में उन्हें अनुपस्थित दर्शा दिया गया। इसके अलावा सीसीई और परीक्षा परिणाम से जुड़ी अन्य विसंगतियों से भी छात्र परेशान हैं।
धरने के दौरान छात्रों ने चेतावनी दी थी कि मांगें पूरी नहीं होने पर सोमवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी शिकायतों की नियमानुसार जांच कर जल्द समाधान का भरोसा दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। सहायक कुलसचिव हर्षित ताम्रकार ने कहा कि यदि जांच में किसी विद्यार्थी को गलत तरीके से अनुपस्थित दर्शाया जाना पाया गया, तो उसके परीक्षा परिणाम में आवश्यक सुधार किया जाएगा।
