
जबलपुर। जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के विखण्डन के खिलाफ घंटाघर के पास शुक्रवार दोपहर को प्रदर्शन कर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर चिंता और नाराजगी भी व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शन में डॉ. पी.जी. नाजपांडे, टी. के. रायघटक, डॉ.ए.बी. श्रीवास्तव सुशीला कनौजिया, मनीष शर्मा, सुभाष चन्द्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के विखण्डन पर जबलपुर जिला प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, महाकौशल के कैबिनेट मंत्रियों- राकेश सिंह, राजेन्द्र शुक्ला और प्रहलाद पटेल की चुप्पी ने जबलपुर के नागरिकों को निराश किया है। सबसे ज्यादा निराशा जगदीश देवड़ा के मौन से हुई है, क्योंकि वे न केवल जबलपुर के प्रभारी मंत्री है, बल्कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी है।
इसलिए जबलपुर के नागरिकों के समक्ष अहम् प्रश्न खड़ा हुआ है कि ऐसे में जबलपुर के हितों के मुद्दे पर चुप रहने वाले वर्तमान जिला प्रभारी मंत्री का जबलपुर को क्या लाभ है? मंत्री जगदीश देवड़ा को ऐसी गलती का स्वयं अहसास करना चाहिए और अपने विवेक का उपयोग करते हुए प्रभारी मंत्री पद से स्वयं अलग हो जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान डी. के. सिंह, यशवंत कोष्टा, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, एड. घनश्याम सोनकर, डी. आर. लखेरा, अर्जुन कुमार, संतोष श्रीवास्तव, उमा दाहिया, मयंक राज, अंकित गोस्वामी, कुंवर सिंह, प्रफुल्ल सक्सेना, रफीक कामरेड, रियाज कामरेड सहित अन्य मौजूद रहे।
