मुंबई, 27 जुलाई (वार्ता) देश की बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर ने चालू वित्त वर्ष में मजबूत शुरुआत करते हुए 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए 1,401 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (पीटीए) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि पहली तिमाही में कंपनी का राजस्व बढ़कर 18,898 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि से 8 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंपनी का परिचालन लाभ आठ प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,249 करोड़ रुपये रहा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को तेजी से अपनाए जाने के बीच, टाटा पावर घरेलू विनिर्माण, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, सीमा-पार स्वच्छ ऊर्जा साझेदारियों तथा ऊर्जा भंडारण समाधानों में रणनीतिक निवेश कर रही है। कंपनी पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) और हाइब्रिड ऊर्जा समाधानों के माध्यम से ग्रिड की मजबूती और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है। इन प्रयासों से वाणिज्यिक, औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को भरोसेमंद स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
कंपनी के सीईओ डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा, ” भारत का ऊर्जा क्षेत्र परिवर्तन के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां अब ध्यान चौबीसों घंटे विश्वसनीय स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। टाटा पावर ने सौर, पवन, बैटरी स्टोरेज और पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के माध्यम से एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली विकसित कर इस बदलाव में खुद को मजबूत किया है।
यह तिमाही हमारे विकास के अगले चरण को आकार देने वाले कई महत्वपूर्ण रणनीतिक मील के पत्थर लेकर आई है। पहली तिमाही में कंपनी ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत दिखाया है।
कंपनी ने कहा है कि आलोच्य तिमाही में मुंद्रा बिजली संयंत्र का पूरा परिचालन होने लगा है और इसके साथ उसने सोलर रूफटॉप कारोबार में उद्योग-अग्रणी वृद्धि तथा सीमा-पार ऊर्जा साझेदारियों का विस्तार कर एक अग्रणी एकीकृत बिजली कंपनी के रूप में स्थिति मजबूत की है।
पहली तिमाही में कंपनी के संयंत्रों की उत्पादन के लिए औसत उपलब्धता 96.2 प्रतिशत रही।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि टाटा पावर भूटान की खोरलोछू और दोरजीलुंग जलविद्युत परियोजनाओं के इंजीनियरिंग संबंधी काम में महत्वपूर्ण प्रगति है। उसकी 1,000 मेगावाट क्षमता की निर्माणाधीन भिवपुरी पम्प्ड स्टोरेज परियोजना में ऊपरी जलाशय का निर्माण पूरा हो चुका है तथा सिविल, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल, हाइड्रो-मैकेनिकल और जीआईएस पैकेज आवंटित किए जा चुके हैं और कार्य तेजी से प्रगति पर है।
नवीकरणीय ऊर्जा व्यवसाय में कंपनी का तिमाही परिचालन लाभ 1,696 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी दौरान 1,567 करोड़ रुपये की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि नई क्षमता जोड़ने, सोलर मैन्युफैक्चरिंग और रूफटॉप सोलर बिक्री में बढ़ोतरी के कारण हुई।
कंपनी का कुल नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो 12.0 गीगावाट (हजार मेगावाट) तक पहुंच गया है, जिसमें 6.7 गीगावाट परिचालन में (5.4 जीडब्ल्यू सोलर, 1.3 जीडब्ल्यू विंड) तथा 5.3 गीगावाट निर्माणाधीन है। लद्दाख के लेह में 50 किलोवाट पीक क्षमता वाली पहली व्यावसायिक रूफटॉप सोलर परियोजना शुरू की गई।
महाराष्ट्र के धाराशिव में 100.8 मेगावाट ज्यूवाली विंड प्रोजेक्ट चालू किया गया, जो प्रतिवर्ष लगभग 29.9 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पन्न करेगा और टाटा पावर मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन को आपूर्ति करेगा। रूफटॉप सोलर कारोबार ने सोलर बैटरी समाधान के साथ अपने बाजार का विस्तार किया। वर्तमान ऑर्डर बुक 639 करोड़ रुपये की है।
कंपनी ने वर्ष 2031 तक मुंबई के ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के उन्नयन की योजना की घोषणा की है, जिसमें डेटा सेंटर और मेट्रो लाइनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 400 केवी रिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने दिल्ली में 10,000 से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे 160 मेगावाट पीक वितरित स्वच्छ ऊर्जा क्षमता तैयार हुई है।
कंपनी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडियन ऑयल के साथ मिलकर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के हरियाणा स्थित 63वें और 69वें माइलस्टोन पर अल्ट्रा-फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए गए।
वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ एक समझौता किया गया, जिसके तहत ट्रांजिट हब, पार्किंग स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। टाटा पावर और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने हैदराबाद के हाईटेक सिटी में तेलंगाना का पहला हाई-स्पीड हब शुरू किया।
