होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन को लेकर ओमान के साथ बातचीत ‘सकारात्मक’ रही, मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं : ईरान

तेहरान, (वार्ता) ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने को लेकर ओमान के साथ हुई हालिया वार्ता को “सकारात्मक” बताया है। साथ ही कहा है कि इस रणनीतिक जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार और शनिवार को तेहरान में ईरान और ओमान के उप विदेश मंत्रियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई।

श्री बकाई ने कहा, “दोनों पक्षों ने होरमुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए साझा सिद्धांतों और परिचालन तंत्र पर चर्चा की, साथ ही दोनों तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करने पर भी सहमति व्यक्त की।”

उन्होंने कहा, “वार्ता सकारात्मक रही और इसमें प्रगति हुई है।” उन्होंने बताया कि ओमानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार दोपहर तेहरान से रवाना हो गया, जबकि दोनों पक्षों के बीच तकनीकी और राजनीतिक स्तर की वार्ताएं आगे भी जारी रहेंगी। श्री बकाई ने स्पष्ट किया कि होरमुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की वर्तमान व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

यह वार्ता ऐसे समय हुई है, जब इस रणनीतिक जलमार्ग की समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान ने आरोप लगाया है कि 17 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उल्लंघन करते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में बिना अनुमति नौसैनिक गतिविधियां संचालित की हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास की अस्थिरता का कारण वाशिंगटन द्वारा अपने दायित्वों का पालन नहीं करना तथा एमओयू के अनुच्छेद-5 के तहत ईरान की जिम्मेदारियों में हस्तक्षेप करना है।

श्री अराघची ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को कमजोर होने से रोकना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग को सामान्य बनाने की प्रवृत्ति का विरोध करना चाहिए।

इससे पहले ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के उप सचिव अली बाकेरी-कानी ने भी होरमुज जलडमरूमध्य को ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साधन बताते हुए कहा था कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की निगरानी से जुड़े मामलों में ईरान कोई समझौता नहीं करेगा।

इस बीच, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ईरान के परिवहन ढांचे पर हाल में हुए अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए उन्हें “युद्ध अपराध” करार दिया और सीमा टर्मिनलों, सीमा शुल्क सुविधाओं तथा परिवहन नेटवर्क को हुए नुकसान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

रविवार को सड़क एवं शहरी विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में राष्ट्रपति ने परिवहन क्षेत्र को हुए नुकसान और आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की।

उन्होंने सीमा टर्मिनलों, सीमा शुल्क सुविधाओं, बंदरगाहों, पुलों, राजमार्गों, रेलवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक प्रतिष्ठानों और अन्य रणनीतिक परिवहन अवसंरचना को हुए नुकसान संबंधी रिपोर्टों का अवलोकन किया तथा पुनर्निर्माण में तेजी लाने, वैकल्पिक परिवहन मार्ग सक्रिय करने और देश के परिवहन नेटवर्क को अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिये।

श्री पेजेशकियन ने कहा कि ये हमले “अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन और युद्ध अपराध” हैं तथा ईरान के सीमा टर्मिनलों, सीमा शुल्क सुविधाओं और सड़क, रेल, समुद्री एवं हवाई परिवहन अवसंरचना को पहुंचाए गए नुकसान का मामला सक्षम अंतरराष्ट्रीय कानूनी संस्थाओं के समक्ष उठाया जाना चाहिए।

 

 

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