स्मार्ट सिटी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित, भवन सील

जबलपुर। न तो मौके पर प्रशिक्षित नर्स, न तो क्वालीफाइड डॉक्टर, न ही पैथोलॉजी में जांच करने वाला लैब टैक्नीशियन.. इन तमाम स्वास्थ्य विसंगतियों के साथ पिछले लंबे समय से बेदीनगर एलआईसी के पास संचालित हो रहे स्मार्ट सिटी अस्पताल में छापा मारने रविवार को कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व की टीम पहुंची तो सारी हकीकत सामने आ गई। गोरखपुर एसडीएम अनुराग सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम के भी इतनी सारी खामियां देखकर होश उड़ गए। इसके बाद अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित करते हुए भवन को सील कर दिया गया और सख्त हिदायत दी गई कि अब इस अस्पताल में कोई भी मरीज भर्ती नहीं होना चाहिए।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि किस हद तक स्मार्ट सिटी अस्पताल में मरीजों की जिंदगियों से खेला जा रहा था। हैरानी तो और उस वक्त हुई जब मौके पर पहुंचे सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने देखा कि अस्पताल में सभी विभागों में जो मौजूद है वो नई उम्र के लड़के लड़कियां हैं। इस संबंध में सीएमएचओ ने खुद हैरानी जताते हुए कहा कि संचालक कहीं से पकड़कर अस्पताल में ले आए हैं। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने नवभारत को बताया कि अस्पताल का लाइसेंस निलंबित व भवन को सील करने के बाद संचालक को 7 दिन का समय दिया गया है कि वो जवाब प्रस्तुत करे इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

8 मरीज भर्ती मिले, मेडिकल कॉलेज किया शिफ्ट

निरीक्षण के समय अस्पताल में 8 मरीज भर्ती पाए गए। सीएमएचओ ने बताया कि मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. शर्मा से चर्चा की गई और फिर उसके बाद 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से सभी 8 मरीजों को उचित और अग्रिम इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया गया।

दूसरे डॉक्टर के नाम पर लिया था लाइसेंस

जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक अमित खरे के अस्पताल का लाइसेंस पहले भी कई बार निलंबित हो चुका है लेकिन वो इतना शातिर था कि हर बार डॉक्टर के नाम बदल बदलकर लाइसेंस एप्रूव करा लेता था। इस बार भी एलआईसी के पास संचालित हो रहे स्मार्ट सिटी अस्पताल का लाइसेंस अमित के नाम पर नहीं बल्कि डॉ. सुभाष कुमार छांटा के ना पर स्वास्थ्य विभाग से लिया गया था। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी से अमित खरे की डॉक्टर की डिग्री के बारे में जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने साफ कहा कि अभी तक अमित खरे की ओर से ऐसा कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया गया है और न सामने आया है जिसमें ये लिखा हो कि अमित खरे एक डॉक्टर भी है। इस चौंकाने वाली जानकारी ने अब अमित खरे की डॉक्टर की डिग्री पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

नरसिंहपुर जिले में हत्या करवाने का आरोप

विदित हो कि नरसिंहपुर जिले के सुआतला थानांतर्गत इंद्रानगर के पास बीती 19 जुलाई को हाइवा से कुचलकर जबलपुर निवासी (पावला-बरपटी) पांच युवकों की मौत के मामले में शनिवार को स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित खरे समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और अमित पर हत्या का आरोप लगा था। अमित की गिरफ्तारी के बाद रविवार को अस्पताल की छापेमारी करने जांच दल पहुंचा था।

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