भोपाल। करीब एक महीने से लगातार आंदोलन कर रहे छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर जश्न मनाया। छात्रों ने इस जगह को “भोपाल का जंतर-मंतर” बताते हुए मिठाइयां बांटी, नारे लगाए और इसे उनके लंबे संघर्ष की पहली बड़ी जीत बताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनकी प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार, तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों से माफी मांगने की मांग भी शामिल है। छात्रों का आरोप है कि लगातार पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके आंदोलन की पहली जीत है, लेकिन उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और छात्रों की बाकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने साफ कहा कि “यह सिर्फ शुरुआत है, जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”
