
भोपाल। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत भोपाल में विशाल तिरंगा मार्च निकाला। 10 नंबर मार्केट से शुरू हुआ मार्च 11 नंबर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पर पहुंचकर समाप्त हुआ, जहां प्रतिभागियों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-युवा हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, प्रतियोगी परीक्षाओं विशेषकर नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के समन्वयक एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. अंशुल त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए।
एनएसयूआई मध्यप्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी ने छात्रों का भविष्य अनिश्चित बना दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष राहुल झांसला तथा युवा कांग्रेस नेता अंकित दुबे ने भी सभा को संबोधित करते हुए छात्रों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
