
भोपाल। स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर 23 जुलाई को नरसिंहपुर केंद्रीय जेल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना था कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि बंदियों के सुधार, पुनर्वास और व्यक्तित्व विकास का प्रभावी केंद्र भी है।
कार्यक्रम में बंदियों ने जेल प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार किए गए गीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बंदियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतियां दीं, जिससे जेल में संचालित शैक्षणिक, सांस्कृतिक, नैतिक एवं कौशल विकास गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दिए।
जेल प्रशासन के अनुसार इस प्रकार के कार्यक्रम बंदियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, ऐसे प्रयास उन्हें रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने और बेहतर जीवन की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रशासन का मानना है कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी पांडेय, उप जेल अधीक्षक नरेंद्र कुमार व्यास, सहायक जेल अधीक्षक एडवर्ड स्वामी, आशीष कुमार खरे, देवेंद्र मांझी, शिल्पा छत्तर सहित जेल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
