सारनी। ठेका मजदूर ठेकेदार-प्रबंधन की मिलीभगत का लगा रहे आरोप, वेतन विवाद पर आंदोलन दसवें दिन भी जारी ,मजदूरों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र की खदानों में ठेका मजदूरों का वेतन विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। अनिश्चितकालीन आंदोलन शनिवार को दसवें दिन भी जारी रहा। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदारों की नई रणनीति को प्रबंधन के कुछ अधिकारियों का संरक्षण मिलने की आशंका है, जिससे औद्योगिक शांति भंग होने का खतरा मंडरा रहा है।
सूत्रों के अनुसार शनिवार शाम लगभग चार बजे जीएम कार्यालय में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच बैठक भी हुई, जिसमें मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं आंदोलनरत मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा मजदूरों के बीच फूट डालने की कोशिश की जा रही है। कुछ मजदूरों को कम हाजरी दिखाकर मात्र लगभग ₹500 के आसपास वेतन डालने की बात भी सामने आई है।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्कशॉप में कार्यरत मजदूरों के साथ ठेकेदार निहुरूदीन द्वारा अभद्र व्यवहार(गली गलौज) किया गया और उन्हें धमकाकर वहां से लात मारकर भगा देने की बात कही। मजदूरों का कहना है कि देश की एक बड़ी सरकारी कंपनी में, जहां हजारों टन कोयले का उत्पादन होता है, वहां मजदूरों को पूरा वेतन नहीं मिलना गंभीर शोषण और प्रताड़ना का विषय है।
आंदोलनरत मजदूरों का कहना है कि लगातार दस दिन बीत जाने के बावजूद प्रबंधन और ठेकेदारों की ओर से कोई ठोस और निर्णायक पहल नहीं की गई है। इससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समाजसेवी नेता प्रदीप नागले, संतोष देशमुख और मनोज पवार ने बताया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो मजदूर भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय ले सकते हैं। इसके लिए प्रशासन को भी समय निर्धारित कर सूचना दी जाएगी।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को भूख हड़ताल का उग्र रूप दिया जा सकता है।
