
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में गहराते कृषि संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि लाखों किसान डिफॉल्टर घोषित होने की कगार पर हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने प्रशासनिक अक्षमता और कथित किसान-विरोधी नीतियों को किसानों के कर्ज के जाल में फंसने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
पटवारी ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 6.20 लाख किसान निर्धारित समय सीमा में अपनी फसल ऋण राशि चुकाने में असफल रहे हैं, जिन पर करीब 450 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों में लगभग 80 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं, जिन्हें समय पर राहत नहीं मिलने पर भविष्य में ऋण सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि यह संकट प्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि नीतिगत विफलताओं का परिणाम है। पटवारी के अनुसार इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद में लगभग 20 दिन की देरी हुई, जिससे किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल सका और वे ऋण चुकाने में असमर्थ रहे।
पिछले वर्ष किए गए वादों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ठोस कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन दिए, जबकि ऋण अदायगी की समय सीमा बढ़ाने का वादा भी पूरा नहीं हुआ।
पटवारी ने ऋण चुकाने की समय सीमा बढ़ाने, दंडात्मक ब्याज माफ करने, पारदर्शी एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने तथा छोटे किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर व्यापक किसान आंदोलन हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
