मुंबई, 24 अप्रैल (वार्ता) अभिनेत्री और फिल्मकार श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि वर्ष 2026 उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे वह एक साथ कई सपने जी रही हैं। श्वेता त्रिपाठी के लिए 2026 सिर्फ ज़्यादा काम करने का साल नहीं है, बल्कि ऐसे काम करने का है जो उनके दिल के करीब हों और मायने रखते हों। जहां दर्शक मिर्ज़ापुर: द मूवी का इंतज़ार कर रहे हैं, वहीं श्वेता एक नए सफर की शुरुआत कर रही हैं, एक ऐसा सपना जिसे वह लंबे समय से जीना चाहती थीं, अपनी कहानियां खुद बनाना।
अभिनय के साथ-साथ अब वह अपने प्रोडक्शन हाउस पर भी ध्यान दे रही हैं और अपनी पहली फिल्म बतौर निर्माता ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’ पर काम कर रही हैं। यह एक खूबसूरत और संवेदनशील समलैंगिक प्रेम कहानी है, जिससे वह खुद को बहुत जुड़ा हुआ महसूस करती हैं।साथ ही, थिएटर आज भी उनका सबसे मज़बूत सहारा है। वह न सिर्फ परफॉर्म कर रही हैं, बल्कि अपने प्ले ‘कॉक’ को उसके आखिरी शो के लिए वापस मंच पर ला रही हैं। वह उसी जुनून और जिज्ञासा के साथ थिएटर में लौट रही हैं, जिसने उन्हें पहली बार एक्टिंग की दुनिया से जोड़ा था।
श्वेता त्रिपाठी ने कहा, “2026 ऐसा लग रहा है जैसे मैं एक साथ कई सपने जी रही हूं। मैं आज भी वही एक्टर हूं जिसे सेट पर काम करने का उतना ही उत्साह होता है, लेकिन अब मैं यह भी सीख रही हूं कि अपनी खुद की कहानी बनाना कैसा होता है। ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’ के ज़रिए हम एक ऐसी कहानी बताने की कोशिश कर रहे हैं जो सच्ची हो, सभी को साथ लेकर चले और दिल से जुड़ी हो। और जब भी मैं थिएटर में लौटती हूं, मुझे याद आता है कि मेरी शुरुआत कहां से हुई थी। यह मुझे ज़मीन से जोड़े रखता है और हमेशा कुछ नया सीखने की चाह बनाए रखता है।”

