भोपाल। पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बलपूर्वक हटाया गया और उन पर अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया गया।
शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शोभा ओझा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने भी छात्रों के साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में इस्तेमाल की गई लाठियों में कीलें लगी थीं और छात्रों के सिर को निशाना बनाकर प्रहार किए गए।
उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति से जुड़े अपने लंबे अनुभव में उन्होंने छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर हमला करने वाले लोग कौन थे और उनकी पहचान सार्वजनिक कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
शोभा ओझा ने इस घटना की तुलना निर्भया कांड के दौरान हुई बर्बरता से करते हुए कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक और लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पुलिसकर्मियों तथा कार्रवाई में शामिल अन्य लोगों को तत्काल बर्खास्त करने और उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं, युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने के प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं।
