
नई दिल्ली। NEET परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और CJP (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को कांस्टीट्यूशनल क्लब में हुई बैठक बिना किसी ठोस निष्कर्ष के समाप्त हो गई। करीब एक घंटे तक चली बैठक में दोनों पक्षों के बीच वास्तविक बातचीत लगभग 10 मिनट ही हुई।
बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता ने बताया कि संगठन ने सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली, प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। दूसरी, NEET परीक्षा की तैयारी के दौरान कथित पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रवक्ता ने कहा कि उनकी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी है और “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।” उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। बैठक के बाद भी दोनों पक्षों के बीच किसी सहमति की घोषणा नहीं की गई।
