
अनूपपुर। भारतीय गणवार्ता पार्टी (भगवा पार्टी) के जिला अध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा ने अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि करोड़ों सनातन हिंदुओं की आस्था से जुड़े किसी भी विषय पर सत्य सामने आना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों की नैतिक जिम्मेदारी है कि यदि किसी प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष, समयबद्ध एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
कन्हैयालाल मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम सत्य, न्याय और मर्यादा के प्रतीक हैं। ऐसे में यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं और जांच में वे सिद्ध होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन हिंदुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इसलिए मंदिर के आय-व्यय में पूर्ण पारदर्शिता, नियमित सार्वजनिक लेखा-जोखा तथा आवश्यक होने पर स्वतंत्र ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं अपनाई जानी चाहिए, जिससे समाज का विश्वास और मजबूत हो।
भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा कि सनातन धर्म सत्य, ईमानदारी और उत्तरदायित्व का संदेश देता है। धर्म की रक्षा केवल पूजा-अर्चना से नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखने से भी होती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्दोष है तो जांच उसे सम्मानपूर्वक न्याय देगी, और यदि कोई दोषी सिद्ध होता है तो उसे कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए।
उन्होंने सभी सनातन श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों के बजाय सत्य और न्याय की प्रक्रिया पर विश्वास रखें तथा समाज में सद्भाव, मर्यादा और धर्म के मूल्यों को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि “राम का मार्ग सत्य का मार्ग है, इसलिए राम के नाम पर हर कार्य भी सत्य, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ होना चाहिए।”
