आतंकवादी वित्तपोषण के आरोप में अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड, हमास से जुड़े व्यक्तियों एवं संगठनों पर लगाए प्रतिबंध

वाशिंगटन, 24 जुलाई (वार्ता) अमेरिका ने शुक्रवार को ब्रिटेन में रहने वाले मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड के एक वरिष्ठ अधिकारी और हमास को आर्थिक मदद देने के आरोपी तीन लोगों और तीन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिये। ट्रंप प्रशासन ने इस समूह के अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण नेटवर्क को तोड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इन प्रतिबंधों का मकसद उस अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण नेटवर्क को रोकना है। अमेरिका के अनुसार जिन लोगों पर पाबंदी लगायी गयी है, वे चैरिटी, व्यापार और गुप्त बैंकिंग चैनलों का इस्तेमाल करके हमास की मदद के लिए पैसे भेजते थे।

अमेरिका हमास को एक आतंकवादी संगठन मानता है। अमेरिका ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद मुस्लिम ब्रदरहुड और हमास, दोनों की वित्तीय ढांचे को खत्म करना है। बयान में कहा गया, “मुस्लिम ब्रदरहुड और हमास ऐसी संस्थाएं चलाते हैं जो आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग देशों के बीच पैसे भेजते हैं। आज की कार्रवाई से मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ी संस्थाओं और हमास द्वारा संचालित फ्रंट संस्थाओं का पर्दाफाश हुआ है, जो आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए राशि को छिपाने और हस्तांतरित करने चैरिटी और भूमिगत नेटवर्क का इस्तेमाल करती हैं। इसमें कहा गया कि अमेरिका उस वित्तीय अवसंरचना को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है जो हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड को बनाए रखता है।

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन आतंकवादी समूहों को वित्त पोषण करने के आरोपी लोगों और संगठनों को निशाना बनाना जारी रखेगा। श्री बेसेंट ने कहा, “ट्रंप प्रशासन आतंकवादियों और उन्हें वित्त पोषण करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करेगा।” उन्होंने कहा, “चाहे वे चैरिटी, बिजनेस या गुप्त वित्तीय नेटवर्क की आड़ में काम कर रहे हों, जो लोग हमास की मदद करते हैं, उनका पर्दाफ़ाश किया जाएगा, उन पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।” प्रतिबंधों का सामना करने वालों में मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड के ब्रिटेन स्थित वरिष्ठ नेता महमूद अल-अबीयारी भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने उन पर उन संगठनों के लिए राशि जुटाने में मदद करने का आरोप लगाया है जिन पर पहले हमास से कथित संबंधों के कारण प्रतिबंध लगाए गए थे।

अमेरिका के वित्त विभाग ने इंडोनेशिया-स्थित ‘तुजाह बुलाह ग्लोबल’ (जो ‘सेवन स्पाइक्स ग्लोबल’ नाम से भी काम करती है) और गाज़ा में ‘मदद फिलिस्तीन चैरिटेबल सोसाइटी’ पर भी प्रतिबंध लगाये हैं। आरोप है कि ये दोनों संगठन मानवीय संगठनों के तौर पर खुद को पेश करते हुए हमास की सैन्य इकाई के लिए राशि जुटाने का काम करते थे। इसके अलावा, प्रतिबंधों में तुर्की-स्थित कंपनी ‘अल-काहिरा फॉर जनरल ट्रेडिंग’ को भी निशाना बनाया गया है। इस कंपनी पर पारंपरिक करेंसी और क्रिप्टोकरेंसी दोनों का इस्तेमाल करके गुप्त बैंकिंग नेटवर्क के जरिए हमास के लिए लाखों डॉलर हस्तांतरित करने का आरोप है। कंपनी, उसके मालिक खुल्दुन खमीस ज़कारिया अलडेन और शेयरहोल्डर्स ज़ैद इसाम अहमद अल-जेबौरी और अब्दुल्ला इसाम अहमद अल-जेबौरी को हमास को कथित तौर पर मदद पहुँचाने के लिए अमेरिकी आतंकवाद-रोधी प्रतिबंध कानूनों के तहत नामित किया गया था।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय (ट्रेजरी डिपार्टमेंट) ने यह भी चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन कराने वाले विदेशी वित्तीय संस्थानों पर भी द्वितीयक अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इनमें अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक उनकी पहुंच पर रोक जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। मुस्लिम ब्रदरहुड ने आतंकवाद का समर्थन करने के आरोपों से इनकार किया है, जबकि हमास पहले भी अपने सदस्यों और संबद्ध संगठनों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को खारिज कर चुका है। अमेरिका की यह ताजा कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब गाजा में संघर्ष जारी है और अमेरिका उन संगठनों के वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर रहा है जिन्हें वह आतंकवादी संगठन घोषित करता है।

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