अयोध्या | अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती में कथित हेराफेरी को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। ट्रस्ट ने दान की गणना में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को उनके पदों से हटा दिया है। इन पुराने कर्मचारियों के स्थान पर अब बैंक और ट्रस्ट द्वारा नई टीम की नियुक्ति की गई है, ताकि दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
SIT की विस्तृत पड़ताल
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। टीम ने दान के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और नकदी प्रबंधन की बारीकी से जांच की है। अधिकारियों ने जांच के दायरे में आए सभी संबंधित व्यक्तियों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि प्रक्रिया निर्बाध रहे।
जांच का दायरा और विशेष फोकस
जांच केवल दान राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर निर्माण सामग्री की खरीद और ट्रस्ट की अन्य प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है। विशेष रूप से वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान हुए वित्तीय रिकॉर्ड पर SIT का विशेष ध्यान है। चंपत राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी लंबी पूछताछ की गई है, और रिपोर्ट जल्द मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।

