वांगचुक ने नड्डा और जितेन्द्र सिंह की मौजूदगी में तोड़ा अनशन

नयी दिल्ली, (वार्ता) पेपर लीक के मुद्दे और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे है सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात को अपना अनशन तोड़ दिया। वह गत 28 जून से अनशन पर थे।

श्री वांगचुक ने केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह तथा जेपी नड्डा की मौजूदगी में गुरुग्राम के मेदान्ता अस्पताल में अपना अनशन तोड़ा।

श्री वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले राष्ट्रीय राजधानी में जंतर मंतर पर 28 जून से अनशन शुरू किया था। पुलिस ने उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुये शनिवार को उन्हें जंतर मंतर से जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करया था उसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के दखल और श्री वांगुचुक की इच्छा के अनुरूप उन्हें मेंदान्ता अस्पताल में भर्ती किया गया था।

श्री नड्डा तथा श्री जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को अस्पताल जाकर श्री वांगचुक से मुलाकात की थी और उनसे अपना अनशन समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों में उचित कदम उठा रही है।

इसके बाद श्री वांगचुक ने दोनो मंत्रियों के नाम एक खुला पत्र लिखा था और उनसे मिले आश्वासन का उल्लेख करते हुये कहा था कि यदि सरकार

उन्हें यह आश्वासन भी दे की प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे। तुरंत यह जानकारी नहीं मिल पायी है कि सरकार की ओर से आज श्री वांगचुक को क्या आश्वासन दिये गये ह

 

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