भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न चिकित्सकों का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर वर्तमान 14,337 रुपये प्रतिमाह के स्टाइपेंड को अपर्याप्त बताते हुए इसे दोगुना करने का आग्रह किया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह मांग एमबीबीएस इंटर्न के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा उनके समक्ष रखी गई समस्याओं के आधार पर की गई है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि प्रदेश में कुल 3,655 एमबीबीएस इंटर्न हैं, जिनमें 2,055 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें देश के सबसे कम स्टाइपेंड में से एक मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एमबीबीएस की वार्षिक फीस लगभग एक लाख रुपये है, जबकि तमिलनाडु, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में कम फीस होने के बावजूद इंटर्न को कहीं अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि एमबीबीएस फीस के मामले में मध्यप्रदेश देश में पांचवें स्थान पर है, जबकि इंटर्न स्टाइपेंड के मामले में लगभग 25वें स्थान पर है। उन्होंने सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाकर इंटर्न को आर्थिक सुरक्षा देने और उन्हें बिना वित्तीय दबाव के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में सक्षम बनाने की अपील की।
