
नई दिल्ली। संसद की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने और भविष्य में उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने की मांग को लेकर एक सबस्टेंटिव नोटिस दाखिल किया है। यह नोटिस उन्होंने लोकसभा सचिवालय को सौंपते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने सदन में अपने भाषण के दौरान ऐसे वक्तव्य दिए, जो नियमों और संसदीय मर्यादाओं के प्रतिकूल हैं।
सूत्रों के अनुसार, नोटिस में राहुल गांधी के हालिया संसदीय भाषण का हवाला देते हुए कहा गया है कि उनके बयान तथ्यों से परे तथा सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हैं। भाजपा सांसद ने इसे विशेषाधिकार हनन और आचरण से जुड़े गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया है। नोटिस में मांग की गई है कि मामले की विधिवत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, जिसमें सदस्यता समाप्त करने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक जैसे कदम भी शामिल हैं।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है, हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं ने अनौपचारिक तौर पर इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है। वहीं भाजपा का कहना है कि संसद की गरिमा और नियम सर्वोपरि हैं और किसी भी सदस्य को उनसे ऊपर नहीं माना जा सकता।
अब निगाहें लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय प्रक्रिया पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि नोटिस को स्वीकार किया जाता है या नहीं तथा आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है। इस मुद्दे ने आगामी सत्र से पहले ही राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर तीखी बयानबाज़ी की संभावना जताई जा रही है।
