नई दिल्ली | भारतीय कुश्ती जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वह बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छह महिला खिलाड़ियों में से एक हैं। रविवार को जारी एक भावुक वीडियो संदेश में विनेश ने कहा कि वह अब तक कानूनी गोपनीयता बनाए रखना चाहती थीं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उन्हें मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी की राह में जानबूझकर रोड़े अटकाए जा रहे हैं और अब वह चुप रहकर अन्याय नहीं सहेंगी। विनेश का यह खुलासा खेल और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
विनेश फोगाट ने आगामी एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स के आयोजन स्थल पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोंडा में ट्रायल्स कराए जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसे बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ बताया। विनेश का आरोप है कि एक निजी कॉलेज में प्रतियोगिता आयोजित कर निष्पक्षता की संभावनाओं को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि ऐसे डरावने माहौल में कोई भी पीड़ित खिलाड़ी बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर पाएगा। विनेश ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सीधे सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
पहलवान विनेश ने वर्तमान कुश्ती महासंघ पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि भले ही पूर्व अध्यक्ष पद पर नहीं हैं, लेकिन संघ पर उनका नियंत्रण आज भी बरकरार है। उन्होंने रेफरी की नियुक्ति और अंक देने की प्रक्रिया में पक्षपात की आशंका जताई है। गौरतलब है कि 2023 में जंतर-मंतर पर हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर है। लगभग 18 महीने बाद वापसी की कोशिश कर रही विनेश के लिए यह लड़ाई अब केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान और इंसाफ की एक बड़ी जंग बन गई है।

