
पहले दिन भगवान को लगेगी हल्दी
नवभारत न्यूज
उज्जैन। महाकाल मंदिर में शिव नवरात्रि 17 फरवरी से शुरू हो जाएगी। पहले दिन भगवान महाकाल को पंडे-पुजारी हल्दी लगाकर दूल्हा बनाएंगे। गर्भगृह में 11 ब्राह्मणों के द्वारा अभिषेक किया जाएगा। इसकी शुरुआत कोटितीर्थ कुंड पर कोटेश्वर महादेव के पूजन से की जाएगी। गर्भगृह के अंदर ब्राह्मणों द्वारा 2 घंटे तक एकादश एकादशनी रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके बाद दोपहर में करीब 1 बजे भोग आरती होगी व दोपहर में 3 बजे संध्या पूजन किया जाएगा। इसके बाद भगवान महाकाल का श्रृंगार होगा। शिव नवरात्रि में प्रतिदिन भगवान के पूजन आरती का यही क्रम चलेगा। महाकाल मंदिर में इसके साथ ही अनेक धार्मिक आयोजन भी किए जाएंगे और इस दौरान भगवान विभिन्न प्रकार के श्रृंगार से श्रृंगारित किया जायेगा। इसके बाद भक्तों को विभिन्न रूपों में दर्शन होंगे।
महाशिवरात्रि पर दिनभर जलधारा, 44 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट
26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में गर्भगृह के अंदर भगवान महाकाल पर सम्पूर्ण दिवस सतत जल धारा प्रवाहमान होगी। सम्पूर्ण रात्रि विशेष पूजन-अभिषेक किया जाएगा। 27 फरवरी को महाशिवरात्रि के दूसरे दिन सुबह भगवान के सप्तधान श्रृंगार व सवा मन पुष्प मुकुट सेहरे के दर्शन होंगे व सेहरा आरती की जाएगी। वर्ष में एक बार दोपहर 12 बजे महाकाल की भस्मारती होगी। इस दौरान महाकाल मंदिर के 44 घंटे तक निरंतर पट खुले रहेंगे। इधर केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने शनिवार को उज्जैन प्रवास के दौरान महाकाल दर्शन किए। नाईक ने गर्भगृह के बाहर से ही खड़े होकर भगवान महाकाल का हाथ जोडक़र आशीर्वाद लिया। पंडे-पुजारियों ने उनका पूजन संपन्न कराया। मंदिर समिति की ओर से नंदीहॉल में मंत्री का सम्मान किया गया।
