
नवभारत न्यूज
खंडवा। जिले के आदिवासी विकासखंड खालवा के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन रोकड़े का हरबोला गीत धूम मचा रहा है। एक सप्ताह में ही इसे एक करोड़ लोगों ने पसंद किया। इस गीत में मनोरंजन के साथ स्थानीय भाषा में मोबाइल का बच्चों पर प्रभाव सरल भाषा में समझाया गया है।
मोहन रोकड़े मल्हारगढ़ के साधारण परिवार से हैं। हर माता-पिता और बच्चे की इच्छा होती है कि पढ़ लिखकर एक अच्छी नौकरी करे, लेकिन छोटे से आदिवासी गांव के मोहन रोकड़े ने बचपन से ही संकल्प ले लिया था कि नौकर न बनते हुए नौकरी देने वाला काम करना है। समाजसेवा क्षेत्र में कार्य का रास्ता अपना लिया था। बरसों की कड़ी मेहनत और धैर्य के कारण आज मुकाम स्थापित किया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से ज्वलंत सामाजिक मुद्दे व समस्याओं पर जागरूक करने के लिए हरबोला गीत गाकर नया कीर्तिमान बनाया है।
और भी वीडियो रील जल्द
मोहन रोकड़े ने बताया कि वे स्वयं के खर्चे से इस प्रकार के वीडियो बनाकर जनमानस को जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इसी प्रकार के अन्य विषयों पर उनके वीडियो आने वाले हैं। वर्तमान में बच्चों के जीवन में मोबाइल की बढ़ती लत से कैसे बच्चों का भविष्य नष्ट हो रहा है। इस पर आधारित हरबोला गीत बनाया था, जो 7 दिनों में 10 मिलियन से अधिक लोगों ने देखा। वीडियो को देखने के बाद लोगों ने प्रतिक्रिया भी दी है।
देशभर में छाया गीत
इस काम में सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम अवासे भी सह कलाकार की भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र के ही सौरभ नहारबाल कैमरामैंन का कार्य कर रहे हैं। मित्र नरेंद्र सेजेकर ने ऑडियो रिकॉर्डिंग का कार्य किया। सोशल मीडिया की उपलब्धि से क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह है क्योंकि छोटे से गांव के सामाजिक कार्यकर्ता आज देशभर में सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।
