जबलपुर: एमपी स्टेट बार काउंसिल ने आपराधिक प्रवृत्ति के वकीलों के विरुद्ध सख्ती बरती है। इसके अंतर्गत अदालत से सात-सात वर्ष की सजा पाने वाले उज्जैन के पांच वकीलों धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, शैलेन्द्र कुमार शर्मा, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, भावेन्द्र शर्मा व पुरषोत्तम राय उज्जैन की सनद निलंबित कर दी गई है। इन पांचों पर उज्जैन निवासी घनश्याम पटेल पर हमला करने का आरोप लगा था। जिसे लेकर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
अपर सत्र न्यायाधीशए इंदौर ने पांचों का दोष सिद्ध पाकर सजा सुना दी थी। जिसके बाद स्टेट बार ने गंभीर अपराधिक प्रकरण मानते हुए कार्रवाई की है। स्टेट बार चेयरमैन राधेलाल गुप्ता व वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा-35 के अंतर्गत पांचों अधिवक्ताओं की सनद आगामी आदेश तक के लिए निलंबित की गई है। जिससे अब वे किसी भी न्यायालय के समक्ष विधि व्यवसाय करने हेतु पात्र नहीं रहेंगे।
अपराधिक प्रवृत्ति के वकीलों को बख्शा नहीं जायेगा-सैनी
मप्र स्टेट बार काउंसिल के वाईस चेयरमेन आरके सिंह सैनी ने कहा कि अपराधिक प्रवृत्ति में लिप्त व जमीन जयजाद के खरीद फरोख्त कर डराने धमकाने वाले किसी भी वकील को बख्शा नहीं जायेगा। जैसे ही ऐसे किसी अधिवक्ता की शिकायत उन तक पहुंचेगी, उस पर तत्काल ही सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि सजायाफ्ता अधिवक्ताओं के विरूद्ध इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
