मप्र में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, किसानों का हो रहा शोषण: पटवारी

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “पूरी तरह ध्वस्त” करार दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रफ्तार से सरकारी लक्ष्य हासिल करना असंभव है और किसान शोषण का शिकार हो रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए पटवारी ने बताया कि 9 अप्रैल से शुरू हुई खरीदी के 14 दिनों में मात्र 9.51 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी 2.21 लाख किसानों से की गई है। इस गति से 80 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने में 118 दिन और 160 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के लिए 236 दिन लगेंगे, जो निर्धारित समयसीमा से कहीं अधिक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्लॉट नहीं मिलने के कारण किसान निजी मंडियों में 2,000 से 2,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचने को मजबूर हैं, जबकि समर्थन मूल्य 2,700 रुपये है। वहीं, प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए इंदौर में बिना स्लॉट 3,200 क्विंटल खरीदी का उदाहरण दिया।

पटवारी ने तौल के बाद भुगतान में देरी पर भी सवाल उठाए और कहा कि सत्यापन पहले क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने सर्वर फेल, बारदाने की कमी और सैटेलाइट सत्यापन की खामियों को संकट का कारण बताते हुए किसानों को 4,500 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को खारिज करते हुए पटवारी ने तत्काल सुधार, समय पर भुगतान और दो हेक्टेयर खरीदी सीमा हटाने की मांग की, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

Next Post

10 सूत्रीय मांगों को लेकर सौसर तहसील कार्यालय पर कांग्रेस का धरना, MSP और प्रदूषण मुक्ति की मांग

Thu Apr 23 , 2026
सौसर। क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और किसानों की बदहाली के खिलाफ गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तहसील कार्यालय के समक्ष धरना देकर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को महामहिम राज्यपाल […]

You May Like