इंदौर:पश्चिम रेलवे, रतलाम मंडल की महत्वाकांक्षी इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है. इस परियोजना के तहत इंदौर से टीही तक का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि टीही से धार के बीच निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है.
पश्चिम रेलवे के अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, परियोजना की प्राथमिकता को देखते हुए टीही-धार खंड को विभिन्न भागों में बांटकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है. टीही-पीथमपुर खंड में टनल निर्माण अभी शेष है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई गई है.
ट्रैक मशीन से मरम्मत कार्य पूर्ण
निर्माण विभाग ने ट्रैक मशीन टीटीएम को सड़क मार्ग से रेलवे ट्रैक पर उतारकर पीथमपुर से धार तक ट्रैक की पैकिंग और आवश्यक मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है.
टॉवर वेगन से ट्रैक परीक्षण शुरू
ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के लिए टॉवर वेगन को भी सड़क मार्ग से लाकर पीथमपुर के पास ट्रैक पर उतारा गया. 23 से 26 मार्च 2026 के बीच परीक्षण किया जा रहा है. निर्धारित गति सीमा तक वेगन चलाकर ट्रैक की स्थिरता और फिटनेस की जांच की जा रही है. रेलवे ने पहले ही आम नागरिकों को ट्रैक के आसपास न जाने की सलाह जारी की थी, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो.
वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में निरीक्षण
मुख्य इंजीनियर निर्माण धीरज कुमार, मुंबई स्वयं इस महत्वपूर्ण कार्य की निरीक्षण के लिए इंदौर पहुंचे. 23 मार्च 2026 को उन्होंने पीथमपुर से धार तक टॉवर वेगन के जरिए ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया और उसकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया.
टनल निर्माण भी जारी
पीथमपुर-धार रेल खंड के पूर्ण होने तक समानांतर रूप से टनल निर्माण कार्य भी तेज गति से जारी रहेगा. रेलवे प्रशासन धार तक रेल सेवा जल्द शुरू करने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस परियोजना के पूर्ण होने से इंदौर और धार के बीच यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज होगी क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी
औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलेगा
