कटनी:होली के सतरंगी पर्व पर गर्ग चौराहे में आयोजित “होली पर एक शाम शहीदों के नाम” अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देशभर से आए ख्यातिलब्ध कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। हास्य, व्यंग्य, वीर और श्रृंगार रस से सराबोर कविताओं ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।कार्यक्रम का आयोजन नगर के ख्यातिलब्ध हास्य-व्यंग्य कवि मनोहर मनोज के सानिध्य तथा कटनी टेंट लाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सरावगी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम कटनी टेंट लाइट एसोसिएशन और मुक्तिधाम विकास समिति ओमप्रकाश सरावगी निशुल्क विद्यालय के तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में अतिथि कवियों का आयोजकों द्वारा पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कवयित्री काव्या मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामखेलावन गर्ग ने की तथा संचालन हास्य कवि अतुल ज्वाला ने किया।
युवा साहित्यकार मुकेश त्रिपाठी ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविता प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत वह भूमि है जहां आरती और अजान के स्वर मिलकर सौहार्द का संदेश देते हैं। वहीं ओजस्वी कवि वैभव अवस्थी ने वीर रस की कविताओं के माध्यम से देश के इतिहास और वर्तमान पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति दी।जबलपुर से आए शायर सूरज राय ‘सूरज’ ने रिश्तों की सच्चाई को व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश करते हुए श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। कानपुर से आए हास्य कवि के.के. अग्निहोत्री ने देश की राजनीति पर तीखे व्यंग्य करते हुए श्रोताओं को खूब हंसाया।
डॉ. प्रेरणा ठाकरे और काव्या मिश्रा ने श्रृंगार रस और होली गीतों से कार्यक्रम में प्रेम और उमंग का रंग घोल दिया। वरिष्ठ कवि ईश्वर दास पुरवार ने भारत माता पर ओजपूर्ण कविता प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के अंत में हास्य कवि सुरेश अलबेला ने अपनी अनूठी हास्य प्रस्तुति से श्रोताओं को खूब ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
चार विभूतियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज में उत्कृष्ट कार्य करने पर मैहर के चिकित्सक डॉ. कैलाश जैन, डॉ. रोमिल सिंघई, उद्योगपति अरविंद गुगालिया तथा साहित्यकार-चिंतक राजेंद्र ठाकुर को शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उद्योगपति प्रवीण बजाज और समाजसेवी अभिलाष दीक्षित द्वारा प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और साहित्यप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
