भोपाल:मध्यप्रदेश की नौकरशाही के बीच इन दिनों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि 31 अगस्त को रिटायर हो रहे मुख्य सचिव अनुराग जैन के बाद प्रदेश की कमान किसके हाथों में होगी। क्या जैन का कार्यकाल आगे बढ़ेगा या फिर डॉ. राजेश राजौरा, अलका उपाध्याय और पंकज अग्रवाल जैसे वरिष्ठ अधिकारियों में से कोई नया चेहरा मुख्य सचिव की कुर्सी संभालेगा?
जैसा कि पता है, मुख्य सचिव अनुराग जैन इसी माह 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या केंद्र की सरकार उनका कार्यकाल आगे बढ़ाएगी या फिर मंत्रालय की कमान किसी नए अफसर को सौंपी जाएगी। संभावित नामों में डॉ. राजेश राजौरा, अलका उपाध्याय और पंकज अग्रवाल के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव किसी भी हाल में अनुराग जैन के सेवा विस्तार के पक्ष में नहीं हैं, उनकी पहली पसंद 1990 बैच के अफसर राजेश राजौरा आज भी बताए जाते हैं, जिनका कार्यकाल मई 2027 तक है।
उन्हें एमपी का मूल निवासी बताते हुई लामबंदी की जा रही है, वहीं, मप्र को लेकर सत्ता के केंद्र दिल्ली से खबरें आ रही हैं कि 1991 बैच की अफसर अलका उपाध्याय भी दौड़ में हैं, हालांकि उनका कार्यकाल मई 2026 तक ही है, जिसे बढ़ाना पड़ सकता है। कहा जा रहा है, उपाध्याय दंपत्ति के पक्ष में संघ का समर्थन है,जिससे बात बन सकती है। इसके अलावा 1992 बैच के पंकज अग्रवाल का नाम भी गंभीरता पूर्वक लिया जाने लगा है।
सूत्रों का मानना है कि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी से ही होगा। फिलहाल मंत्रालय के गलियारों में इसी चर्चा ने हलचल मचा दी है कि एक सितंबर से सूबे की नौकरशाही का मुखिया कौन बनेगा।
