इंदौर: माँ कनकेश्वरी देवी शासकीय महाविद्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय तिरंगा अंगीकरण दिवस मनाया गया. इस अवसर पर विद्यार्थियों को राष्ट्रध्वज के इतिहास, महत्व तथा उसके सम्मान से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य मेजर डॉ. संजय सोहनी ने कहा कि राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य है.
उन्होंने बताया कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अंगीकार किया था. उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रध्वज के सम्मान एवं उसके सही उपयोग से संबंधित नियमों का पालन करने का आग्रह करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त अथवा अमानक राष्ट्रध्वज का उपयोग करना अनुचित होने के साथ-साथ दंडनीय भी है. इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. निशांत मिश्रा ने राष्ट्रध्वज के निर्माण एवं अंगीकरण की ऐतिहासिक प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक है.
उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया. कार्यक्रम के दौरान विधायक रमेश मेंदोला एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने महाविद्यालय परिवार तथा एनएसएस स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय तिरंगा अंगीकरण दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।कार्यक्रम में डॉ. जी.आर. मोरे, डॉ. प्रगति जैन सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे
