इंदौर:बुधवार को छात्रों को कीड़ा कहने का विरोध करने एक दंपत्ति नंदा नगर स्थित मंत्री विजयवर्गीय के घर पहुंचे. उनकी तीन बिंदुओं पर विजयवर्गीय से बात करने की मांग थी. मीडिया उक्त दंपत्ति से बात कर रहा था और इस दौरान मीडिया को पुलिस ने रोक दिया. पुलिस और मीडियाकर्मियों के बीच बातचीत नहीं करने देने पर बवाल भी हुआ.
कल भोपाल में विधानसभा में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष द्वारा छात्रों के मुद्दे पर सवाल उठाने के दौरान कहा कि छात्र आंदोलन प्रायोजित है. मध्य प्रदेश से उसका लेना देना नहीं है और छात्र कीड़े है. उक्त बात को लेकर इंदौर में एक दंपत्ति नंदा नगर स्थित मंत्री विजयवर्गीय के घर उक्त तीनों बिंदुओं पर विरोध के साथ चर्चा करने पहुंच गए. विजयवर्गीय के नंदा नगर स्थित मकान पर प्रहलाद पांडे और संगीता पांडे ने मीडिया को बताया कि विजयवर्गीय द्वारा छात्रों के दिल्ली आंदोलन को लेकर कहा कि मध्यप्रदेश से इसका लेना देना नहीं है.
दूसरा उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन प्रायोजित हैं और उन्होंने छात्रों को कीड़ा बोला है. उक्त तीनों बिंदुओं पर विरोध कर चर्चा करने आए है. पांडे दंपत्ति इसके आगे कुछ बोलती उसके पहले ही टीआई आर डी कानवा ने दंपत्ति को मीडिया से बात करने से रोक दिया. मीडियाकर्मियो ने इसका विरोध किया तो बोले मै बात कर रहा हूं इनसे. आप रुको. इसके बाद कानवा यह कहते पाए गए है कि विजयवर्गीय भोपाल है और यहां उनके परिवार से बात नहीं की जा सकती है. इसके बाद पांडे दंपत्ति सड़क पर बैठकर धरना दे रहे थे तो पुलिस ने उनको टांगाटोली करके पुलिस जीप में थाने भेज दिया. उक्त मामले में मीडियाकर्मियों और पुलिस में बहुत बहस हुई.
पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई
टीआई अभय मिश्रा ने कहा कि दो व्यक्ति विजयवर्गीग के बयान के खिलाफ उनके निवास पर आए थे. उनको यहां से थाने भेजा है. वहां पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद विजयवर्गीय के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है.
