सतना: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में कृषि गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। इस वर्ष जिले में खरीफ फसलों के लिए कुल 60,642 टन खाद की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। इसके मुकाबले अब तक 42,704 टन खाद का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 23,703 टन खाद का वितरण किसानों को कर दिया गया है।
सतना और मैहर जिले को मिलाकर इस खरीफ सीजन में कुल 3 लाख 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। दोनों जिलों में अकेले 2.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। यह कुल बोवनी क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा है, जो दर्शाता है कि क्षेत्र के किसानों का मुख्य भरोसा आज भी धान की फसल पर ही बना हुआ है।
सतना और मैहर जिले में फसलों का रकबा
सतना जिले में लगभग 2 लाख 32 हजार हेक्टेयर और मैहर जिले में करीब 99 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें बोई जाएंगी। इस सीजन में धान के अलावा दलहनी, तिलहनी और मोटे अनाज की खेती भी बड़े पैमाने पर की जा रही है। मुख्य फसलों की बात करें तो सबसे ज्यादा 32,000 हेक्टेयर में उड़द और 18,000 हेक्टेयर में तिल की बुवाई का लक्ष्य है। इसके अलावा कोदो 9,000 हेक्टेयर, अरहर 8,000 हेक्टेयर, मूंग तथा सोयाबीन दोनों 4,000-4,000 हेक्टेयर, ज्वार 2,000 हेक्टेयर, मक्का 500 हेक्टेयर और बाजरा 70 हेक्टेयर क्षेत्र में बोया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसान धान के साथ-साथ अन्य फसलों को भी प्रमुखता दे रहे हैं।
