
नीमच। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जन-जागृति अभियान के तहत सोमवार को नारकोटिक्स प्रकोष्ठ नीमच ने शहर स्थित धानुका फैक्ट्री परिसर में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में फैक्ट्री के लगभग 200 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) डी. श्रीनिवास वर्मा तथा डीआईजी कुमार प्रतीक के नेतृत्व में संचालित प्रदेशव्यापी अभियान के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
मानव श्रृंखला बनाकर दिया नशे के विरुद्ध संदेश
कार्यक्रम के दौरान धानुका फैक्ट्री के कर्मचारियों ने परिसर में विशाल मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) बनाकर ‘हृह्र ञ्जह्र ष्ठक्रत्रस्’ का संदेश दिया। कर्मचारियों ने एकजुट होकर समाज को यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
निरीक्षक बलराम सिंह रघुवंशी ने किया जागरूक
नारकोटिक्स प्रकोष्ठ नीमच के निरीक्षक बलराम सिंह रघुवंशी ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नशे के सामाजिक, मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कर्मचारियों को सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उपस्थित कर्मचारियों ने जीवनभर नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस जन-जागृति कार्यक्रम को सफल बनाने में नारकोटिक्स प्रकोष्ठ नीमच की टीम के सहायक उपनिरीक्षक किरण शर्मा, प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक प्रशांत कैथवास एवं आरक्षक राहुल जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए फैक्ट्री प्रबंधन एवं कर्मचारियों ने भी पुलिस विभाग के अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों में सहयोग का भरोसा दिलाया।
