
बालाघाट, मध्य प्रदेश के बहुचर्चित डबल मनी घोटाले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए बालाघाट पुलिस ने करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले के मास्टरमाइंड और फरार आरोपी सोमेंद्र कंकराने को उसके 7 साथियों सहित हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट भी जारी था।
पुलिस के अनुसार, सोमेंद्र कंकराने पर निवेशकों को उनकी रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के 63 मामले दर्ज हैं। सभी आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए देश के अलग-अलग धार्मिक शहरों में पहचान छिपाकर रह रहे थे। यह मामला वर्ष 2022 में सामने आया था, जब बालाघाट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमेंद्र कंकराने समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने 13 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, 32 से अधिक बैंक खातों में जमा करीब 11 करोड़ रुपये, तथा 45 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त और सीज किया था।
गिरफ्तारी के बाद सोमेंद्र कंकराने को जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी। इसके बावजूद वह फरार हो गया और लगातार अदालत में पेश होने से बचता रहा। उसके वकील के माध्यम से तारीखें बढ़ाई जाती रहीं, जिससे हजारों निवेशकों से जुड़े मामलों की सुनवाई लंबित रही।
पुलिस पर आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबाव था। आखिरकार तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने हरिद्वार में दबिश देकर सोमेंद्र कंकराने और उसके 7 साथियों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद उन लोगों को थोड़ी उम्मीद लगी है कि शायद उनका मूलधन उन्हें वापस मिल जाए।
